
गुरुग्राम में एक 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा को टैक्सी ड्राइवरों के एक समूह ने घेर लिया, जिसके बाद वह डर के मारे अपनी कार में बैठी रही। इस दौरान उसने मदद के लिए 37 मिनट के भीतर 20 बार पुलिस को फोन किया, लेकिन समय पर मदद नहीं पहुंची।
छात्रा की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मौके पर मौजूद टैक्सी ड्राइवरों ने उनकी कार के चालक की पिटाई भी की। घटना के बाद इन लोगों ने पैसे देकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव भी बनाया। परिवार ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
यह घटना गुरुग्राम में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। एक स्कूली छात्रा को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया न मिलना चिंताजनक है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।