
मानसून के दौरान बढ़ती नमी त्वचा के लिए कई चुनौतियां लेकर आती है। इस मौसम में वातावरण में मौजूद अतिरिक्त नमी के कारण चेहरे पर सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा अत्यधिक तैलीय हो जाती है। ऐसे में पारंपरिक घरेलू उपायों में मुल्तानी मिट्टी का उपयोग काफी लोकप्रिय है।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका चुनाव मौसम के आधार पर नहीं, बल्कि आपकी त्वचा की वास्तविक जरूरतों के अनुसार करना चाहिए। हर त्वचा का प्रकार अलग होता है और उसी के अनुसार देखभाल की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि मुल्तानी मिट्टी को चेहरे पर लगाने से पहले इसे गुलाब जल या दही के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे सप्ताह में दो बार से अधिक न लगाएं, क्योंकि अत्यधिक उपयोग त्वचा को रूखा बना सकता है। फेस पैक को पूरी तरह सूखने से पहले ही धो लें।
डर्मेटोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि किसी भी स्किनकेयर उत्पाद या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। यदि त्वचा पर किसी प्रकार की जलन, लालिमा या एलर्जी दिखे तो तुरंत उपयोग बंद कर दें और विशेषज्ञ से परामर्श लें।