एशियन गेम्स: सुरुचि और कमलजीत ने भारत को दिलाया शूटिंग में स्वर्ण पदक

जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में हरियाणा के दो युवा निशानेबाजों ने देश के लिए गौरव हासिल किया है। रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि इंद्र सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

झज्जर जिले के सासरोली गांव की रहने वाली सुरुचि का सफर प्रेरणादायक रहा है। शुरुआत में परिवार के खेल पृष्ठभूमि के कारण उनका रुझान कुश्ती की ओर था, लेकिन एक मुकाबले में गंभीर चोट के बाद उन्हें खेल बदलना पड़ा। 13 वर्ष की उम्र में शूटिंग अपनाने के बाद सुरुचि ने रोजाना झज्जर से भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी तक लगभग 100 किलोमीटर का सफर लोकल ट्रेन से तय किया। कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत करते हुए उन्होंने 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख वर्ल्ड कप में लगातार तीन व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया की नंबर वन शूटर बनने का गौरव हासिल किया।

रेवाड़ी के सूलखा गांव के कमलजीत का सफर भी संघर्षों से भरा रहा। एथलेटिक्स में करियर बनाने का सपना चोट के कारण प्रभावित हुआ, जिसके बाद 2019 में उन्होंने पिस्टल शूटिंग अपनाई। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले कमलजीत के लिए कोर्स फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन परिवार के अटूट समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। 2023 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण और हाल में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की।

दोनों खिलाड़ियों की यह जीत हरियाणा के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। आर्थिक कठिनाइयों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उनके संकल्प और परिश्रम ने देश को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और साबित करती है कि दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।