डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज उछाल, 9 दिन की गिरावट के बाद 60 पैसे की मजबूती

भारतीय रुपया गुरुवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 60 पैसे मजबूत हुआ। यह उछाल लगातार नौ कारोबारी सत्रों तक चली गिरावट के बाद आया है, जिसमें घरेलू मुद्रा पर भारी दबाव देखा गया था।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की इस बेहतरीन वापसी के पीछे कई कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई गिरावट से भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में संभावित हस्तक्षेप की अटकलों ने भी रुपये को सहारा दिया।

वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की सकारात्मक भावना ने भी घरेलू मुद्रा को मजबूती देने में योगदान दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच रुपये की स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।

विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में रुपये का प्रदर्शन कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पूंजी प्रवाह और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत कार्रवाइयों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, आज की तेजी ने व्यापारियों और निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है।