Holi Skin Protection Tips: रंगों का त्योहार होली इस वर्ष 4 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। होली जहां आपसी भाईचारे, प्रेम और उमंग का प्रतीक है, वहीं बदलते समय के साथ बाजारों में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।
चमकीले और पक्के रंगों की मांग के चलते कई बार ऐसे उत्पाद बाजार में आ जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए नुकसानदायक साबित होते हैं। इस संबंध में सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डा. संदीप सिंह साहनी ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

होली प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों से ही खेलें
डॉ. साहनी के अनुसार होली हमेशा प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों से खेलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई केमिकल युक्त रंगों में हानिकारक तत्व, यहां तक कि महीन कांच के कण भी मिले हो सकते हैं, जो त्वचा पर रैशेज, खुजली, जलन और गंभीर एलर्जी का कारण बनते हैं। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है या जिन्हें पहले से किसी प्रकार की एलर्जी या चर्म रोग है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और संभव हो तो ऐसे रंगों से दूर रहना चाहिए। Holi Skin Protection Tips
होली खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल या अच्छा माइश्चराइजर लगाएं
उन्होंने सलाह दी कि होली खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल या अच्छा माइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि रंग त्वचा के रोमछिद्रों में गहराई तक न जा सके। सूती और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना बेहतर है। बालों की सुरक्षा के लिए सिर को टोपी या कपड़े से ढकें और आंखों को बचाने के लिए चश्मे का उपयोग करें।
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हर वर्ष होली के अगले दिन से चर्म रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है और रोजाना 15 से 20 अतिरिक्त मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने अपील की कि होली खेलने के तुरंत बाद गुनगुने पानी और हल्के साबुन से स्नान करें तथा किसी भी प्रकार की असामान्य खुजली या जलन होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। Holi Skin Protection Tips

होली को लेकर सेक्टर-6 सिविल अस्पताल हाई अलर्ट पर, आपात सेवाएं मजबूत
होली के मद्देनजर संभावित हादसों और आपसी विवादों की आशंका को देखते हुए सिविल अस्पताल सेक्टर 6 पंचकूला में विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सभी डाक्टरों, डीएनबी रेजिडेंट्स और पैरामेडिकल स्टाफ को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। Holi Skin Protection Tips
इमरजेंसी वार्ड में इस बार अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, वहीं विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ सर्जनों को सीधे आपातकालीन कक्ष में तैनात किया गया है ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। होली के दिन नशे में झगड़े, सड़क दुर्घटनाएं और अन्य अप्रिय घटनाओं के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) तैयार करने के लिए अलग टीम बनाई गई है। एक्स-रे और सीटी स्कैन विभागों में भी अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ लगाया गया है, ताकि जांच और रिपोर्टिंग में देरी न हो और मरीजों को समय पर राहत मिल सके। Holi Skin Protection Tips