
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 12 दिन हो चुके हैं और आज पहली बार प्रशासन हड़ताली कर्मियों से बातचीत करने जा रहा है। इस दौरान प्रदेश की सड़कों पर करीब 12 हजार टन कचरा जमा हो गया है, जिससे शहरों में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है। आम नागरिकों को इस हड़ताल की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की थी, जिसमें वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियां और नियमित भुगतान जैसे मुद्दे शामिल हैं। पिछले 12 दिनों से प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी, लेकिन अब स्थिति को देखते हुए आज वार्ता का दौर शुरू होने जा रहा है।
शहरों में कचरे के बढ़ते ढेर से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है। कई इलाकों में कचरे के ढेर इतने बड़े हो गए हैं कि यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
प्रशासन ने आज होने वाली बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का मानना है कि बातचीत से सकारात्मक नतीजे निकलेंगे और जल्द ही सफाई व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। हालांकि, कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।