
हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी विभागों में योग को अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के लिए योग अभ्यास पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगा।
राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को भी नियमित रूप से योग सत्र में भाग लेना होगा। यह पहल कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का मानना है कि योग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससे कार्य दक्षता भी बढ़ेगी।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में योग शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है। साथ ही, मौजूदा शिक्षकों को योग प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छात्रों में अनुशासन और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होगा।
योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने से हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जो पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य प्रणालियों को बढ़ावा दे रहे हैं। यह निर्णय प्रधानमंत्री के आयुष्मान भारत और स्वस्थ भारत अभियान के अनुरूप है, जो समग्र कल्याण पर जोर देता है।