हरियाणा एनसीआर में 1 अक्तूबर से बिना पीयूसी नहीं मिलेगा ईंधन

हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहन मालिकों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। 1 अक्तूबर 2026 से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने सभी 2,780 ईंधन स्टेशनों पर 30 सितंबर तक स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे लगाने की घोषणा की है। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत उठाया जा रहा है।

नई व्यवस्था में एएनपीआर कैमरे की मदद से ईंधन वितरण पूरी तरह स्वचालित होगा। जैसे ही कोई वाहन पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा, सिस्टम तुरंत उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करके केंद्र सरकार के वाहन डेटाबेस में पीयूसी स्टेटस की जांच करेगा। यदि प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या उपलब्ध नहीं है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद ईंधन की बिक्री रोक देगा। अधिकारियों ने बताया कि अगस्त में फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंपों पर इस तकनीक की शुरुआत होगी।

यह नियम पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य वाहन चालकों को दंडित करना नहीं, बल्कि समय पर पीयूसी नवीनीकरण के लिए प्रोत्साहित करना है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना पीयूसी गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

दिल्ली में यह नीति पहले ही लागू हो चुकी है, और अब उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान भी अपने एनसीआर क्षेत्रों में इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूरे एनसीआर में एक साथ किए जा रहे इस प्रयास से वाहन उत्सर्जन नियमों का बेहतर पालन होगा और क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा।