पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा की टिप्पणी ने हरियाणा भाजपा के भीतर एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस विवाद ने अब पार्टी के दो कद्दावर चेहरों पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को आमने-सामने ला खड़ा किया है।

जहां बिश्नोई ने अपने पिता के सम्मान में पार्टी को सीधी चेतावनी देते हुए माफी की मांग की है, वहीं प्रदेशाध्यक्ष ने इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताते हुए बिश्नोई को नोटिस जारी करने के संकेत दिए हैं। इस तकरार से पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सतह पर आ गई है।
मैं बब्बर शेर हूं, घमंड में नहीं बनेगी चौथी बार सरकार
विदेश में इलाज करा रहे कुलदीप बिश्नोई ने वीडियो जारी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सम्मान सर्वोपरि है चौधरी भजनलाल कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था थे। रेखा शर्मा जैसी ‘नौसिखिया’ को इतिहास रचना नहीं आता।
उन्होंने कहा कि यदि रेखा शर्मा माफी नहीं मांगतीं और प्रदेशाध्यक्ष आदर से नाम नहीं लेते, तो यह मामला यहीं नहीं रुकेगा। बिश्नोई ने याद दिलाया कि भाजपा की तीन में से दो बार सरकार उनके वोट बैंक की बदौलत बनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि शेर को पिंजरे में तो रख सकते हो, लेकिन उसे हाथ नहीं लगा सकते।
पार्टी की छवि बिगाड़ने पर मांगेंगे जवाब
अंबाला में नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने बिश्नोई के रुख पर सख्त तेवर दिखाए बड़ौली ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई द्वारा इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करना अनुचित है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है, इसलिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रेखा शर्मा ने कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया है और इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। बड़ौली ने कहा कि किसी भी नेता को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।
नोटिस हास्यास्पद, मैंने ही भाजपा को चलना सिखाया
नोटिस की खबर मिलते ही कुलदीप बिश्नोई ने दोबारा हमला बोला और बड़ौली के बयान को ‘हास्यास्पद’ करार दिया। बिश्नोई ने कहा कि नोटिस तो रेखा शर्मा और खुद बड़ौली को मिलना चाहिए, जो अमर्यादित टिप्पणी पर चुप हैं।
उन्होंने कहा कि “मैं वही बेटा हूं जिसके पास भाजपा खुद गठबंधन की झोली लेकर आई थी। मैंने ही हरियाणा में भाजपा को चलना सिखाया और राजस्थान में 22 सीटें जितवाईं।” उन्होंने दो टूक कहा कि वह चौधरी भजनलाल के बेटे हैं और ऐसे नोटिसों की परवाह नहीं करते। उनमें भाजपा को अर्श से फर्श पर लाने का दम है। हिसार में बिश्नोई मंदिर में हुई सर्व समाज की बैठक और नेताओं की इस जुबानी जंग ने यह साफ कर दिया है कि यह मुद्दा शांत होने वाला नहीं है। आगामी चुनावों से पहले बिश्नोई समाज की नाराजगी भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।