खबर का सार: Sonipat Mayor Election 2026 में भाजपा के राजीव जैन और कांग्रेस के कमल दिवान फिर आमने-सामने हैं। पिछली बार उपचुनाव में जैन ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार बदले हुए समीकरण और मजबूत जनसंपर्क के चलते मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। दोनों पार्टियों के सामने अपने-अपने वोट बैंक को साधने और संगठन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक चुनाव में बड़े उलटफेर की संभावना जता रहे हैं।
नगर निगम चुनाव (Sonipat Mayor Election 2026) में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी कमल दिवान के सामने भाजपा ने राजीव जैन को मैदान में उतार दिया है। पिछले साल उपचुनाव में भी दोनों उम्मीदवार आमने-सामने थे, लेकिन इस बार चुनावी समीकरण बदले हुए हैं। उपचुनाव में करारी हार के बाद कमल दिवान ने इसे चुनौती के रूप में लिया और अपना जनसंपर्क अभियान जारी रखा।

इस बार अलग होंगी चुनौतियां
उपचुनाव के बाद इस बार कांग्रेस और भाजपा के सामने अलग चुनौतियां हैं। अब देखना है कि दोनों में कौन सा प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में कर पाता है। राजनीतिक विश्लेषक बड़े उलटफेर की भी संभावना जता रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में इस बार 22 वार्डों में 13 गांव भी शामिल हैं। अधिकतर आबादी शहरी क्षेत्र में हैं। इसमें अधिकतर मतदाता कारोबारी हैं। निगम के तहत शहर के बाजार व घनी आबादी वाला क्षेत्र है।
वर्ष 2020 में कांग्रेस के निखिल मदान भाजपा के ललित बतरा को हराकर पहली नगर निगम के मेयर बने थे। बाद में उनके भाजपा में शामिल हो जाने के बाद सीट खाली हो गई और वर्ष 2025 में उपचुनाव हुआ। इसमें कांग्रेस के कमल दिवान को करीब 35 हजार वोटों से हराकर भाजपा के राजीव जैन मेयर बने थे। मात्र 11 महीने के कार्यकाल के बाद अब दोनों पार्टियों ने दोनों पुराने प्रत्याशियों पर ही भरोसा जताया है। Sonipat Mayor Election 2026
कांग्रेस की मजबूती व चुनौतियां | Sonipat Mayor Election 2026
उपचुनाव में हार के बाद जनसंपर्क को मजबूत किया। शहर में सक्रिय रहकर लोगों के बीच अपनी उपस्थिति को जिंदा रखा। पार्टी ने शहरी जिलाध्यक्ष का पद देकर मजबूत किया। गांवों में भी अपने जनसंपर्क अभियान को जारी रखा।
निगम क्षेत्र के मुद्दों को मजबूती से आवाज दी। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाबी वोटरों को अपने पक्ष में करने ही है। ग्रामीण पकड़ को और मजबूत करना है। उनके सामने पार्टी में मौजूद गुटबाजी खत्म करते हुए सभी को साथ लेकर चुनाव लड़ना। असंतुष्टों को मनाकर अपने साथ रखना सबसे मुश्किल काम होगा। Sonipat Mayor Election 2026
भाजपा की मजबूती व चुनौतियां
राजीव जैन 11 महीने मेयर रहे। वे शहरी क्षेत्र में विकासकार्यों के नाम पर मैदान में हैं। उनका जनसंपर्क सबसे मजबूत है। वे दिन-रात लोगों के बीच रहते हैं। लोगों के सुख व दुख में सबसे आगे रहते हैं। उनकी मजबूती उनकी निजी वोट बैंक माना जाता है। Sonipat Mayor Election 2026
भाजपा की मजबूती मजबूत संगठन है। बूथ लेवल से लेकर पार्टी पदाधिकारी एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं। इस बार भाजपा के सामने कांग्रेस प्रत्याशी का पहले से मजबूत होकर उभरना है। वहीं पंजाबी वोटरों को पिछली बार की तरह अपने पक्ष में रखने की सबसे बड़ी चुनौती है। Sonipat Mayor Election 2026
नंबर गेम
- 2015 में सोनीपत को नगरपरिषद से नगर निगम का दर्जा मिला
- 2020 में नगर निगम का पहला चुनाव कराया गया
- 4,50,275 कुल जनसंख्या है नगर निगम क्षेत्र की
- 83,000 बैकवर्ड क्लास (ए) की जनसंख्या है निगम क्षेत्र में
- 20,953 बैकवर्ड क्लास (बी) की जनसंख्या है निगम क्षेत्र में
- 59,224 संख्या अनुसूचित जाति वर्ग (एससी) की जनसंख्या है।
कौन सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित?
| वर्ग | वार्ड |
|---|---|
| सामान्य (General) | 01, 03, 04, 07, 08, 13, 15, 16, 19, 20, 22 |
| सामान्य वर्ग की महिलाएं (General Women) | 05, 12, 14, 21 |
| अनुसूचित जाति के पुरुष (SC Men) | 02, 17 |
| अनुसूचित जाति की महिलाएँ (SC Women) | 09, 18 |
| पिछड़ा वर्ग बीसी-ए पुरुष (BC-A Men) | 10 |
| पिछड़ा वर्ग बीसी-ए महिला (BC-A Women) | 06 |
| पिछड़ा वर्ग बीसी-बी (BC-B) | 11 |