Rohtak नेहरू कॉलोनी से एक नाबालिग छात्रा के अपहरण की सूचना से शनिवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कांग्रेस कार्यकर्ता की भतीजी बताई जा रही आठवीं कक्षा की छात्रा मनीषा (12) के लापता होने की खबर मिलते ही सिटी थाना पुलिस सक्रिय हो गई और कई घंटे तक मामले की गंभीरता से जांच की गई।

हालांकि, करीब आठ घंटे बाद में पता चला कि छात्रा गलती से बस में बैठकर टोहाना पहुंच गई थी और वह पूरी तरह सुरक्षित है। सिटी थाना क्षेत्र की नेहरू कॉलोनी निवासी मनीषा पुत्री सुरेंद्र शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे स्कूल में ट्यूशन के लिए घर से निकली थी।

जब काफी देर तक वह घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। पहले उन्होंने स्कूल में पूछताछ की, लेकिन जब वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने बच्ची के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी। गौकर्ण तीर्थ के पास अंबेडकर भवन समेत कई स्थानों के फुटेज खंगाले गए। परिजनों को शक था कि एक ग्रे रंग की रिट्ज कार में दो युवक बच्ची को अगवा कर ले गए हैं।

पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक से भी पूछताछ की, लेकिन वहां से भी कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस बीच शाम करीब साढ़े सात बजे परिवार को जानकारी मिली कि मनीषा टोहाना में है। बाद में पुष्टि हुई कि वह रास्ते में गलती से टोहाना जाने वाली बस में बैठ गई थी और वहीं पहुंच गई।

परिजन तुरंत टोहाना के लिए रवाना हो गए और बच्ची को सकुशल अपने साथ वापस लाए। सिटी थाना एसएचओ रमेश कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम से बच्ची के गायब होने की सूचना मिली थी, जिस पर तुरंत पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और हर संभावित एंगल से मामले की पड़ताल की गई।

प्रारंभ में अपहरण की आशंका थी, लेकिन जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि बच्ची किसी गाड़ी में नहीं गई, बल्कि बस से टोहाना पहुंची थी। उन्होंने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों के संपर्क में है। पुलिस की तत्परता और निगरानी के चलते मामले की सच्चाई समय रहते सामने आ गई, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।