HARYANA VRITANT

Haryana News जींद जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए बुलाई गई बैठक लगातार तीसरी बार स्थगित हो गई है। इस बार भी उपायुक्त (डीसी) की गैरमौजूदगी के कारण प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। बैठक स्थगित होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद डीसी रहे नदारद

मंगलवार को दोपहर 12 बजे डीआरडीए हॉल में जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आयोजित की गई थी, और डीसी ने अदालत को बैठक में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इससे पहले भी 13 दिसंबर और 22 जनवरी को इसी कारण बैठकें स्थगित हो चुकी हैं।

बैठक टलने से नाराजगी, बहुमत की चुनौती

बैठक के बार-बार स्थगित होने से जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा ने डीसी की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई है। परिषद में चेयरपर्सन को पद से हटाने के लिए 25 में से 17 पार्षदों का बहुमत जरूरी है, लेकिन प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

राजनीतिक गतिविधियां तेज, विरोधी गुट सक्रिय

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन दिन पहले विरोधी गुट के वाइस चेयरमैन सतीश हथवाला, पार्षद प्रतिनिधि जसमेर रजाना समेत कुछ पार्षद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में विधानसभा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा और भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र ढुल से मिले थे। इस मुलाकात में आगामी रणनीति पर चर्चा की गई, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि जिला परिषद में सत्ता संतुलन को लेकर कड़े राजनीतिक दांव-पेंच खेले जा रहे हैं।