Donkey Route

Donkey Route अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवाओं का जत्था बुधवार रात दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा, जिनमें से अधिकांश हरियाणा के थे। उन्हें दिल्ली से ही वीरवार को घर भेज दिया गया।

Donkey Route

ज्यादातर युवा डंकी रास्ते से अमेरिका पहुंचे थे। कोई दो साल पहले तो कोई एक साल पहले अमेरिका पहुंचा था। छह युवा आठ माह पहले ही अमेरिका गए थे। हरियाणा के 31 युवा अपने-अपने गांव पहुंचे। किसी ने 30 से 40 लाख रुपये खर्च किए थे तो किसी ने जमीन बेचकर, कर्ज या रिश्तेदारों से उधार लेकर अमेरिका की राह पकड़ी थी।

डिपोर्ट हुए युवाओं में सबसे ज्यादा सात युवक कुरुक्षेत्र जिले से, जबकि कैथल के छह शामिल हैं। पानीपत के दो, यमुनानगर के दो, अंबाला के चार, हिसार का एक, जींद के तीन, करनाल के चार, सोनीपत का एक और एक युवक रोहतक का है। प्रशासन ने डिपोर्ट युवाओं की पूरी जानकारी गोपनीय रखी है।

सभी को गुपचुप तरीके से उनके घर पहुंचाया गया। पहले डिपोर्ट होने वाले युवाओं को पुलिस लाकर उनका आपराधिक रिकॉर्ड जांचने के बाद घर भेजती थी, लेकिन इस बार पूरी प्रक्रिया गुप्त रखी गई। स्वजनों का कहना है कि अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए पूरी जमा पूंजी लगा दी थी और अब खाली हाथ घर लौट आए हैं। कई युवा घर आने की बजाय अपने रिश्तेदारों के यहां पर चले गए हैं।

युवा बोले- Donkey Route से न जाएं अमेरिका

एक युवा ने बताया कि एक साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था। करीब 40 लाख रुपये एजेंट को दिए थे, वहां जाते ही पकड़ा गया। इसके बाद डिस्टेंशन सेंटर में डाल दिया। अमेरिका में आए दिन चेकिंग हो रही है। वहां कोई सुनवाई नहीं होती, सीधा डिपोर्ट करते हैं। डिटेंशन सेंटर में खाना भी सही नहीं मिलता, केवल चावल और ब्रेड मिलते हैं। युवा का कहना है कि कोई भी डंकी रूट से अमेरिका न जाए।

तीन साल बाद लौटा युवा

सीवन क्षेत्र का एक युवा तीन साल बाद अमेरिका से लौटा, उसने बताया कि वह छह माह से सेंटर में रह रहा था, उसके पिता ने कहा कि लड़का सही सलामत लौट आया, हमारे लिए यही बड़ी बात है। पैसा तो यहां भी कमा लेंगे। युवक के पिता ने बताया कि हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, जो भाग्य में था हो गया। हम कोई शिकायत भी नहीं देंगे।

सब कुछ उजड़ गया

कैथल का एक युवा दोपहर को गांव पहुंचा, उसने बताया कि मेरा तो सब कुछ उजड़ गया, एक एकड़ जमीन बेचकर डंकी रूट से अमेरिका गया था, अब डिपोर्ट कर दिया। जमीन और जो पैसा था वो भी चला गया। युवक के साथ परिवार वालों का भी बुरा हाल है। परिवार की महिला ने कहा कि एक एकड़ जमीन में कमा-खा लेते, वह जमीन भी चली गई।

कैथल जिले के ये युवा लौटे अमेरिका से कैथल के छह युवा हुए डिपोर्ट अपने-अपने गांव पहुंच गए हैं। इनमें गांव खेड़ी रायवाली का संजीव कुमार, सिसमौर का गुरदेव, गांव सौंगल का साहिल, धेरडू सज्जन, ढांड का सोहन लाल और अमित कुमार शामिल हैं।