
हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य में न्यूनतम मजदूरी दर में बढ़ोतरी की है। इस फैसले के तहत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 400 रुपये से बढ़ाकर 409 रुपये कर दी गई है। यह वृद्धि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर लागू होगी।
इस निर्णय के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां श्रमिकों को सर्वाधिक दैनिक मजदूरी दी जाएगी। राज्य के श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह बढ़ोतरी महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए की गई है। इससे राज्य के लाखों मजदूरों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस फैसले से निर्माण, कृषि, उद्योग और अन्य असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय की श्रमिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने सराहना की है। हालांकि, कुछ श्रमिक नेताओं ने मांग की है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मजदूरी में और अधिक वृद्धि की जानी चाहिए। यह नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगी।