
हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को मंगलवार को 30 दिन की पैरोल पर रिहा कर दिया गया। यह इस साल उनकी दूसरी पैरोल है और सजा के दौरान 16वीं अस्थायी रिहाई मानी जा रही है। सुबह करीब 7 बजे वह कड़ी सुरक्षा के बीच रोहतक की सुनारिया जेल से सिरसा आश्रम के लिए रवाना हुए।
राम रहीम फिलहाल साध्वियों से रेप के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने अपनी कुल 3,193 दिनों की सजा में से अब तक 406 दिन जेल से बाहर बिताए हैं। इससे पहले भी वह 15 बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं।
वर्ष 2017 में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दो महिला शिष्यों से रेप के मामले में दोषी ठहराया था। इसके अलावा उन्हें दो अलग-अलग हत्या मामलों में भी सजा सुनाई गई थी। 2019 में पत्रकार राम चंदर छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद मिली और 2021 में डेरा मैनेजर रंजीत सिंह हत्या साजिश मामले में दोषी ठहराया गया। हालांकि, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बाद में दोनों हत्या मामलों में उन्हें बरी कर दिया।
हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (टेम्पररी रिलीज) एक्ट, 2022 के अनुसार, किसी भी कैदी को साल में कुल 10 हफ्तों की पैरोल दो हिस्सों में लेने का अधिकार है। 30 दिन की इस नई पैरोल के साथ राम रहीम ने 2025 के लिए तय 10 हफ्तों की पैरोल अवधि पूरी कर ली है। कानून में 3 हफ्तों की फरलो का भी प्रावधान है, जिसे वह अभी इस साल ले सकते हैं।