
हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में मंगलवार रात बरूवाली नहर के टूटने से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। गांव दड़बा कलां पुल के समीप नहर में करीब 50 फीट का कटाव हो गया, जिससे लगभग 50 एकड़ में लगी कपास की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहराना हेड से नहर को बंद करवाया।
सिंचाई विभाग के मैट रतन सिंह ने बताया कि नहर बर्जी नंबर 11900 के पास अचानक टूट गई। विशेष बात यह है कि नहर में 20 दिनों से पानी बंद था और मंगलवार दोपहर 1:30 बजे पानी छोड़ा गया था। महज सात घंटे बाद रात 8 बजे नहर टूट गई। स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि नहर के तटबंध कमजोर हैं, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
इस हादसे से कैंरावाली, माख्खोसरानी, लुदेसर, रूपावास, रायपुर, ढूकड़ा, गुडिया खेड़ा, बरूवाली सहित कई गांवों में पेयजल और सिंचाई की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक महीने से पेयजल की किल्लत झेल रहे थे और अब नहर की मरम्मत में तीन-चार दिन लगने की संभावना है। किसानों का कहना है कि बार-बार नहर टूटने से उनकी फसलों की सिंचाई बाधित होती है और उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
स्थानीय किसान वेदपाल, राजाराम और अन्य ने सिंचाई विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि जब भी सिंचाई की बारी आती है, नहर टूट जाती है और मरम्मत के दौरान उनके खेत सूखे रह जाते हैं। अब नरमे (कपास) की बुवाई भी मुश्किल हो गई है। विभागीय अधिकारियों ने कटाव की मरम्मत का आश्वासन दिया है।