
कुरुक्षेत्र के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली है। यह घटना पिछले दो महीनों में पांचवीं आत्महत्या है, जिसने संस्थान प्रशासन और शिक्षा विभाग को गहरी चिंता में डाल दिया है।
संस्थान परिसर में लगातार हो रही इन घटनाओं ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता और छात्र कल्याण कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन ने इस चिंताजनक प्रवृत्ति को रोकने के लिए तत्काल उपाय करने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत समस्याएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं। NIT प्रशासन ने छात्रों के लिए परामर्श सेवाओं को मजबूत करने और हेल्पलाइन सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई है।
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने संस्थान से छात्रों की भावनात्मक जरूरतों पर अधिक ध्यान देने की मांग की है। इस घटना के बाद संस्थान में शोक की लहर है और साथी छात्रों में आशंका का माहौल बना हुआ है।