यमुनानगर में तेजली रोड पर सोमवार रात श्याम एवं श्री बालाजी संकीर्तन में भजन गायक कन्हैया मित्तल के भजनों व संबोधन में पाकिस्तान को घेरते हुए मुस्लिम समाज पर तीखे कटाक्ष किए। कहा कि बांग्लादेशी व पाकिस्तानी घुसपैठिए भारत में नकली आधार कार्ड बनाकर हिंदू बन घूम रहे हैं। उन लोगों का टारगेट हमारी बेटियां हैं।

लेकिन हमारी बेटियां अब सिर्फ घरों में खाना नहीं बनाती हैं, बल्कि भारत में पाकिस्तान आतंकवादी भेजता है तो यही बेटियां पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम करती हैं। पाकिस्तान व घुसपैठ जैसे मुद्दों पर मित्तल ने कहा कि देश को सतर्क रहने की जरूरत है। बेटियों से कहा कि दुर्गा बने या काली बने, पर बुर्के वाली न बने।
श्री श्याम प्यारे परिवार की ओर से आयोजित संकीर्तन में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसमें पूरी रात श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। इस दौरान मंच पर पहुंचे एक सिख श्रद्धालु का कन्हैया मित्तल ने सम्मान किया। कहा कि सिख समाज बड़े भाई की तरह है और उनके प्रति उनके मन में विशेष श्रद्धा है।
मित्तल ने कहा कि मैं मस्जिद और चर्च नहीं जाता, पर जब भी गुरुद्वारा देखता हूं तो दिल और जान वारता हूं, क्योंकि मंदिर में जैसे में श्याम बसते हैं, वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं। संकीर्तन के दौरान कन्हैया मित्तल ने भजनों के बीच में सामाजिक व धार्मिक विषयों पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अपनी परंपराओं व आस्था से जुड़े रहना जरूरी है।
कार्यक्रम में भक्तिमय माहौल, लेकिन बयान ने खींचा ध्यान | यमुनानगर
इसी में हमारी पहचान व संस्कृति की शक्ति निहित है। उन्होंने जय हो पितृ देव के उद्घोष भी लगवाए। कहा कि हमारे पितृ तब तक नाराज नहीं होते, जब तक हम अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में नहीं चले जाते। अगर हमने हमने अपना धर्म छोड़कर मजारों पर माथा टेका है तो उसे पितृ दोष लगता ही लगता है, क्योंकि उसने अपना बाप बदल लिया है।

जब तब एक के साथ रहोगो पितृ दोष लग ही नहीं सकता। कन्हैया मित्तल ने है मेरे श्याम सहित अपने कई लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे। पंडाल जयकारों से गूंजता रहा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।