Yamunanagar Jail जिला जेल की फैक्ट्री में बने उत्पाद अब ऑनलाइन बिक सकेंगे। जेल प्रशासन इसके लिए ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से एमओयू साइन करेगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर आने से आमदनी भी बढेगी। हर किसी की पहुंच में यह उत्पाद होंगे।

जेल में फर्नीचर के अलावा एलोवेरा जूस, आंवला कैंडी, आंवला जूस, गुलाब जल और एलोवेरा जूस तैयार किया जा रहा है। कपालमोचन मेला, गीता जयंती समारोह व सूरजकुंड में क्राफ्ट मेले में इन उत्पादों की काफी मांग रहती है। वहां पर लगे स्टाल से लोग खरीददारी करते हैं।
जेल में तैयार किए जाने वाले फर्नीचरों में सिंगल बेड, सोफा, डबल बेड, टेबल, कुर्सियां और महाराजा कुर्सियां तैयार की जाती है। इसके लिए लकड़ी वन विभाग से खरीदी जाती है। शुद्ध शीशम की लकड़ी से यह फर्नीचर तैयार किया जाता है। जिसकी मजबूती भी बाहर बिकने वाले उत्पाद से अधिक रहती है। यही कारण है कि कोर्ट परिसर, सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों व स्कूलों के लिए जेल में तैयार फर्नीचर खरीदा जाता है। Yamunanagar Jail

इन उत्पादों का दाम जेल प्रबंधन की ओर से निर्धारित किया जाता है। इसके लिए न तो किसी कोटेशन की जरूरत पड़ती है और न ही कोई अन्य प्रक्रिया होती है। अब जेल प्रबंधन के पेट्रोल पंप पर ही शोरूम भी बनाया गया है। जहां पर यह उत्पाद रखे हैं। ऐसे में लोग जेल के बाहर ही इन उत्पादों को देख सकते हैं और खरीद सकते हैं। शोरूम में फर्नीचर के अलावा अन्य उत्पाद भी रखे हुए हैं। Yamunanagar Jail
एक वर्ष में बेचे 56 लाख रुपये के उत्पाद
जेल प्रशासन ने वर्ष 2025 में 56 लाख रुपये के उत्पाद बेचे। इनमें फर्नीचर से लेकर जूस, कैंडी, गुलाब जल सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। पिछले दिनों सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में लगभग 15 लाख रुपये के उत्पाद बेचे गए। जेल की फैक्ट्री में फिलहाल 110 कैदी उत्पाद तैयार करने में लगे हुए हैं। फैक्ट्री में अधिकतर कैदी ही कार्य करते हैं लेकिन उन बंदियों को भी लगा दिया जाता है जो पहले से फर्नीचर का कार्य जानते हैं और अपनी मर्जी से काम करना चाहते हैं। Yamunanagar Jail
Yamunanagar Jail में बंद हैं 1150 कैदी
जिला जेल में इस समय लगभग साढ़े 1100 कैदी हैं। इनमें लगभग 50 महिला कैदी व बंदी हैं। जेल में हार्डकोर अपराधियों के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के आतंकियों को भी रखा गया है। इसके लिए सीआरपीएफ का अलग से पहरा लगाया गया है। हालांकि इनकी संख्या घटती बढ़ती रहती है। पिछले दिनों जेल से कुछ बंदियों की अदला बदली भी हुई है। कुछ को दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया गया है। वहीं दूसरी जेलों से कुछ बंदियों को यहां पर भेजा गया है।
फ्लिपकार्ट के साथ जेल प्रबंधन की बातचीत चल रही है। जेल में बने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए एमओयू साइन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। – सतेंद्र सिंह, एसपी जेल।