HARYANA VRITANT

Sirsa News हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का शुक्रवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। शनिवार को उनके सिरसा स्थित तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां समर्थकों की भारी भीड़ जुटी।

अंतिम संस्कार में दिखी ग्रीन ब्रिगेड

ओमप्रकाश चौटाला के अंतिम संस्कार में इनेलो समर्थकों की ग्रीन ब्रिगेड ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यकर्ता हरे रंग की पगड़ी, कुर्ता, और पायजामा पहनकर पहुंचे। समर्थकों ने “चौधरी चौटाला अमर रहे” और “हरियाणा का बब्बर शेर अमर रहे” के नारों से माहौल गूंजा दिया।

“हरा रंग हमारी पहचान”

महम चौबीसी से पहुंचे बलवीर मलिक ने कहा कि हरा रंग उनकी पहचान है, जो उन्हें ताऊ देवीलाल और चौटाला साहब से मिली। यह रंग उनके सम्मान और समर्पण का प्रतीक है।

सिर से पैर तक हरे कपड़ों में पहुंचे समर्थक

सोनीपत के महिपाल लाट, जो पिछले 30 सालों से हरे कपड़े पहनते हैं, ने चौधरी देवीलाल के न्याय युद्ध में अपनी आस्था का कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह परिधान उनकी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।

“सुबह से भूखे, अंतिम विदाई के बाद खाना”

नरवाना के इस्माइलपुर गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र ने बताया कि वे सुबह केवल चाय पीकर आए और चौटाला साहब के अंतिम संस्कार के बाद ही खाना खाया। उनके लिए चौटाला साहब पिता समान थे।

चौटाला साहब की विरासत अमर

चौटाला परिवार और समर्थकों के लिए ओमप्रकाश चौटाला का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उनके समर्थक और कार्यकर्ता उन्हें “हरियाणा का बब्बर शेर” मानते हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।