Rohtak News पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की ओर से 28 फरवरी को चुनाव करवाए जा रहे हैं। चुनाव के लिए बार के 3536 वकीलों ने शपथ पत्र और फीस जमा कर आवेदन किया था। जांच के बाद 1200 से ज्यादा वकीलों को अपात्र मानते हुए उनकी वोट काट दी गई, जिससे वकीलों के बीच विवाद शुरू हो गया।

वकीलों को राहत देने की तैयारी
चुनाव अधिकारी ने एक नया पत्र जारी करते हुए 19 फरवरी तक उन वकीलों से दस्तावेज के साथ आवेदन मांगे हैं, जिनकी वोट काट दी गई थी। माना जा रहा है कि जिन वकीलों का सीओपी नंबर नहीं था या जिन्होंने दूसरे के नंबर से भुगतान किया था, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है।
चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों का विरोध
जिला बार चुनाव में मतदाता सूची को लेकर नया मोड़ आ गया है। प्रधान पद के उम्मीदवार और निवर्तमान प्रधान अरविंद श्योराण ने सैकड़ों वकीलों के साथ बैठक कर अपात्र वकीलों की वोट फिर से जोड़ने की मांग की। वहीं, दूसरे प्रत्याशी दीपक हुड्डा ने भी मांग पत्र देकर पात्र वकीलों की वोट बहाल करने की अपील की।
चुनाव अधिकारी का निर्देश
इस विवाद को देखते हुए चुनाव अधिकारी एडवोकेट प्रदीप मलिक ने शनिवार को पत्र जारी कर कहा कि जिन वकीलों की वोट काटी गई है, वे 19 फरवरी तक पुख्ता दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।