
दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर चार्जशीट पर अदालत के संज्ञान लेने के बाद मिली है।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें समन जारी किया था। शिकोहपुर भूमि घोटाला गुरुग्राम क्षेत्र में हुए कथित अवैध भूमि सौदों से संबंधित है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान वाड्रा की जमानत याचिका पर विचार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की है। यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की जा रही है। वाड्रा की ओर से कानूनी प्रतिनिधित्व करने वाली टीम ने अदालत में अपना पक्ष रखा था।
इस फैसले के बाद रॉबर्ट वाड्रा को कानूनी राहत मिली है, हालांकि मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। प्रवर्तन निदेशालय अपनी जांच में भूमि सौदों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।