झज्जर में जिले भर के पटवारियों ने मंगलवार को भी को दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारखाना में काले बिल्ले लगाकर काम किया। पटवारियों ने अतिरिक्त कार्यभार छोड़ सर्किल का काम नहीं किया।

हरियाणा के 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची वायरल होने के बाद घमासान मचा हुआ है। पटवारी इस सूची के विरोध में आ गए हैं। झज्जर में जिले भर के पटवारियों ने मंगलवार को भी को दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारखाना में काले बिल्ले लगाकर काम किया। पटवारियों ने अतिरिक्त कार्यभार छोड़ सर्किल का काम नहीं किया। जिले में 15 पटवारियों के पद खाली हैं, जिनका चार्ज दूसरे पटवारियों के पास था।यह अतिरिक्त कार्यभार पटवारियों ने छोड़ दिया। इस कारण लोगों को परेशानी हुई। दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि 16 जनवरी को बिना किसी विभागीय जांच के किसी अज्ञात एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों को भ्रष्ट करार देने का काम किया गया, जो न्यायसंगत नहीं है। प्राकृतिक व संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है। इस पत्र को निरस्त किया जाए।

टोहाना में काली पट्टी बांधकर काम कर रहे कानूनगो व पटवारी

टोहाना में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई पटवारियो के कथित भ्रष्टाचार की लिस्ट को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को पटवारियो ने तीन दिवसीय प्रदर्शन के तहत काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा एडिशनल चार्ज को छोड़ दिया है। एडिशनल चार्ज छोड़ने के चलते आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

ब्लॉक प्रधान प्रभु राम ने बताया कि पटवारियो पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जो लिस्ट वायरल की गई है उसके विरोध में तीन दिवसीय विरोध किया जा रहा है जिसके तहत जिला उपायुक्त फतेहाबाद को ज्ञापन दिया गया। मंगलवार, बुधवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा और एडिशनल हलकों का चार्ज छोड़ दिया गया है सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी निर्णय प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देशानुसार लिया जाएगा। इस प्रदर्शन में टोहाना के 9 पटवारी और 3 कानूनगो ने भाग लिया

वहीं, राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। राजस्व विभाग ने खुफिया विभाग के फीडबैक के आधार पर भ्रष्ट पटवारियों की सूची तैयार की थी। यह सरकार का गोपनीय दस्तावेज था, जो सोशल मीडिया पर वायरल है। अब राजस्व विभाग जांच करेगा कि यह दस्तावेज कहां से लीक हुआ है। हालांकि राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पटवारियों की सूची राज्य के सभी उपायुक्तों को भेजी गई थी। वहां से यह दस्तावेज लीक हुआ है। उधर, राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने बताया, मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण मुहैया करवाया जाए। हर विभाग गलत आचरण करने वाले अपने कर्मचारियों पर नजर रखता है। यह सामान्य प्रक्रिया है। कानून के तहत जो कार्रवाई होगी, उसे किया जाएगा।