Panchkula News हरियाणा के बिजली, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने उनके खिलाफ भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मीडिया के माध्यम से इसका जवाब नहीं देंगे, बल्कि पार्टी को लिखित रूप में स्पष्टीकरण देंगे। विज ने बताया कि वह तीन दिनों से बेंगलुरु में थे और अभी लौटे हैं। उन्होंने कहा, “पहले ठंडे पानी से नहाऊंगा, रोटी खाऊंगा और फिर बैठकर जवाब लिखूंगा।”

सीएम सैनी और मोहन लाल बडौली के खिलाफ बयानबाजी का मामला
कैबिनेट मंत्री अनिल विज को यह कारण बताओ नोटिस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली द्वारा भेजा गया था। उन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष बडौली के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने का आरोप है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। हालांकि, विज ने अभी इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाजपा नेतृत्व से मिले मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष
इस बीच, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने मंगलवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ प्रांतीय संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में अनिल विज प्रकरण को लेकर भी चर्चा हुई है, हालांकि, मुख्यमंत्री और बडौली ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीएम सैनी का पोस्ट
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि दिल्ली चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत की बधाई दी गई और शहरी निकाय चुनाव व संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में अनिल विज को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर भी बातचीत हुई।
नोटिस में क्या लिखा गया था?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली द्वारा अनिल विज को जारी नोटिस में कहा गया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी की, जो पार्टी की नीति और अनुशासन के विरुद्ध है। नोटिस में उल्लेख किया गया कि इस तरह की बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है, विशेष रूप से चुनावी माहौल में। पार्टी ने विज से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
अब सबकी नजरें अनिल विज के जवाब पर टिकी हैं, जिसे वह पार्टी हाईकमान को भेजने की बात कह चुके हैं।