आईएमए अध्यक्ष डाॅ. जैन ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत दी जाने वाली सेवाओं को बंद करने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि प्रदेश सरकार द्वारा महीनों से भुगतान में देरी की जा रही है। जिसके कारण अस्पताल अपने खर्चों पर प्रबंधन करने में असमर्थ हैं।

हरियाणा में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों के फिर से 450 करोड़ रुपये सरकार के पास अटक गए हैं। आईएमए हरियाणा ने चेताया है कि अगर 2 फरवरी तक लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के 700 अस्पताल 3 फरवरी से इलाज बंद कर देंगे। आईएमए हरियाणा के राज्य प्रधान डाॅ. महावीर पी जैन ने यह जानकारी दी।

साल 2018 में सरकार ने आयुष्मान योजना को शुरू किया था। इसके तहत जरूरतमंद और गरीब लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिया जाता है। आयुष्मान भारत योजना में नियमित जांच से लेकर सर्जरी तक सब कुछ शामिल है। आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में करीब 1300 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें से करीब 600 के करीब निजी अस्पताल हैं। इस योजना में प्रदेश के करीब 1.2 करोड़ लोग पंजीकृत हैं।

आईएमए अध्यक्ष डाॅ. जैन ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत दी जाने वाली सेवाओं को बंद करने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि प्रदेश सरकार द्वारा महीनों से भुगतान में देरी की जा रही है। जिसके कारण अस्पताल अपने खर्चों पर प्रबंधन करने में असमर्थ हैं। अस्पतालों का बकाया भुगतान तुरंत जारी करना चाहिए। 

आईएमए ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष एक बैठक में इस मामले को उठाया गया था और उन्होंने तत्काल धनराशि भी जारी करने का आदेश दिया था। लेकिन अभी तक अस्पतालों को लंबित बकाया राशि नहीं मिल पाई है। आईएमए हरियाणा के सचिव डाॅ. धीरेंद्र के सोनी ने कहा सीएमओ द्वारा भेजे जाने वाले बिलों में भी मुख्यालय स्तर पर कटौती की जाती है, दूसरा कई-कई माह तक राशि का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार इसके लिए स्थायी समाधान करे।

ये हैं आईएमए की मांगें

-लंबित राशि का पूरा भुगतान किया जाए।
-जिलों से अनुमोदित राशि में कोई कट न लगाया जाए।
-बजट में आयुष्मान योजना के लिए सालाना 2 हजार करोड़ रुपये आरक्षित किए जाएं।
-टीएमएस पोर्टल 2 में कमियों को दूर किया जाए।
-भुगतान के लिए रोस्टर बनाया जाए।

760 करोड़ अस्पतालों को जारी किया, 200 करोड़ और जल्द करेंगे : सीएम सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत 26 जनवरी 2025 को लगभग 760 करोड़ रुपये का भुगतान संबंधित अस्पतालों को किया जा चुका है और बचे हुए लगभग 200 करोड़ रुपये का भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा। आयुष्मान योजना से संबंधित किसी भी अस्पताल का भुगतान नहीं रुकेगा।