
हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को जींद की अलेवा अनाज मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया। 29 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन राइस मिलर्स के पंजीकरण में देरी के कारण कई जगहों पर खरीद एजेंसियां पीछे हट रही हैं।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अलेवा थाना प्रभारी आत्माराम और नायब तहसीलदार ओंकार दत्त शर्मा मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीएम और डीएम हैफेड ने किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर खरीद एजेंसी के माध्यम से पीआर धान की खरीद शुरू करवाई। जींद में अब तक 31,380 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से केवल 5,253 टन की ही खरीद हो सकी है।
इसी तरह करनाल की नई अनाज मंडी में भी धान खरीद में देरी से परेशान किसानों की शिकायत पर भारतीय किसान यूनियन के नेता पहुंचे। नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत कर एक सप्ताह से मंडी में बैठे किसानों की खरीद शुरू करवाई। कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने निरीक्षण किया और चेतावनी दी कि फसल की खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंबाला जिले की सभी अनाज मंडियों में अब पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। यमुनानगर में मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि धान की उठान धीमी होने से भुगतान भी अटक गया है। पानीपत में 25 हजार मीट्रिक टन की आवक में से 24,700 टन की खरीद हुई है, जबकि कैथल में साढ़े 3 लाख टन की आवक में से केवल 38 हजार टन की ही खरीद हो पाई है।