Haryana News उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ सिरसा के गांव ओढ़ां स्थित माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान और सिरसा के जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया और शिक्षा के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

शिक्षा से होता है बड़ा बदलाव
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा समाज में सबसे बड़े बदलाव का केंद्र है। यह व्यक्ति को न केवल ज्ञान देता है, बल्कि उसके भीतर आत्मविश्वास भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे निडर होकर अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें।
असफलता से न डरें, यही सफलता की कुंजी
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग पहले प्रयास में सफल नहीं होते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे असफल हैं। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि असफलता का डर केवल एक भ्रम है, इसलिए सोच को ऊंचा रखें और अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन करें।
युवाओं को दिया सकारात्मक संदेश
उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षा न केवल सफलता की राह दिखाती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी सबसे बड़ा माध्यम है।
गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को किया सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने संस्थानों द्वारा दी जा रही उच्च स्तरीय शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपराष्ट्रपति के प्रेरणादायक संदेश ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को शिक्षा के प्रति और अधिक समर्पित होने के लिए प्रेरित किया।