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Haryana News राज्यसभा सांसद श्रीमती किरण चौधरी ने केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर भिवानी में चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय से संबद्ध एक खेल महाविद्यालय की स्थापना का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यदि खेल विश्वविद्यालय की स्थापना संभव नहीं है, तो कम से कम एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए।

भिवानी में खेल प्रतिभाओं के लिए आवश्यक संसाधन

किरण चौधरी ने कहा कि हरियाणा, विशेष रूप से भिवानी, ने खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यहां से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन उभरे हैं। कुश्ती, मुक्केबाजी, कबड्डी, हॉकी और एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में खेल प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं जरूरी हैं।

भिवानी के खेल हब बनने की संभावना

भिवानी को “मिनी क्यूबा” के रूप में जाना जाता है, खासकर अपनी मुक्केबाजी विरासत के लिए। शहर की खेल संस्कृति इसे खेल महाविद्यालय के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। यहां पर्याप्त भूमि, बेहतरीन कनेक्टिविटी और मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है, जिससे युवा एथलीटों को आधुनिक प्रशिक्षण और शिक्षा मिल सकेगी।

राज्य में दूसरा बड़ा खेल संस्थान बनने की संभावना

राज्य में फिलहाल एकमात्र प्रमुख खेल संस्थान राई (सोनीपत) में स्थित है। भिवानी में स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना से न केवल जमीनी स्तर पर खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खेल विज्ञान, कोचिंग और प्रबंधन में उच्च शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की अपील

राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने खेल मंत्री से आग्रह किया कि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय से संबद्धता के तहत भिवानी में इस खेल महाविद्यालय की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। यह पहल भारत के खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और युवा एथलीटों को अपने-अपने खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।