Gurugram News गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में 58 वर्षीय यमनी मरीज के पेट से 10.3 किलो का कैंसरग्रस्त ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। डॉक्टरों की टीम ने अपनी मेडिकल विशेषज्ञता और टीमवर्क का परिचय देते हुए इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया।

तीन महीने से था पेट दर्द और अन्य तकलीफें
मरीज को पेट में लगातार दर्द, काले रंग के मल, शारीरिक कमजोरी और एनीमिया की समस्या थी। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद उन्होंने फोर्टिस अस्पताल में भर्ती होने का फैसला किया, जहां सीटी स्कैन के जरिए उनके पेट में ट्यूमर की पुष्टि हुई।
6-7 घंटे चली जटिल सर्जरी
ट्यूमर को हटाने के लिए डॉक्टरों ने गैस्ट्रेक्टमी प्रक्रिया अपनाई, जिसमें पेट का पूरा या कुछ हिस्सा निकाला जाता है। ट्यूमर पूरे पेट को ढके हुए था और उससे चिपका हुआ था, जिसके कारण डॉक्टरों को मरीज का पेट हटाना पड़ा। करीब 6-7 घंटे चली इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज को नौ दिनों में स्वस्थ स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

पेट का किया गया पुनर्निर्माण
सर्जरी के बाद मरीज के पेट को फिर से बनाने के लिए उनकी छोटी आंत से एक थैली तैयार कर उसे भोजन नली से जोड़ा गया। यह प्रक्रिया मरीज को सामान्य जीवन देने के लिए जरूरी थी।
डॉक्टरों की दक्षता की सराहना
फोर्टिस गुरुग्राम के वीपी और फैसिलिटी डायरेक्टर यश रावत ने बताया कि ट्यूमर का बड़ा आकार और वजन इस सर्जरी को चुनौतीपूर्ण बना रहा था, लेकिन डॉक्टरों की दक्षता और सही फैसलों से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल मरीजों की बेहतर देखभाल और जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।