
हरियाणा सरकार ने राज्य के कच्चे या अस्थायी कर्मचारियों के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है, जिससे उन्हें 58 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। इस सुपरन्यूमरेरी योजना के तहत, जो कर्मचारी अभी तक अनियमित आधार पर काम कर रहे थे, उन्हें अब रिटायरमेंट तक की गारंटी मिल सकेगी।
यह फैसला उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो सालों से नियमितीकरण की मांग कर रहे थे। नई व्यवस्था के अनुसार, पात्र अस्थायी कर्मचारियों को विभागीय आवश्यकताओं के आधार पर सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह कदम सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी और संविदा कर्मचारियों दोनों को कवर करेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस योजना से राज्य भर में लगभग हजारों परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी। कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे सरकार की कल्याणकारी सोच बताया है। हालांकि, नियमितीकरण की प्रक्रिया और पात्रता मानदंड पर अभी भी स्पष्टता की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि सरकारी विभागों में बेहतर कार्य संस्कृति भी विकसित करेगा। आने वाले दिनों में सरकार से इस योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने की उम्मीद है।