
यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पंजाब की मोहाली स्थित इमिग्रेशन फर्म रुद्राक्ष ओवरसीज सॉल्यूशन पर स्थानीय निवासी सुमित कुमार से 19 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। यमुनानगर थाना में फर्म के संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फर्म के खिलाफ पहले से ही पंजाब और हरियाणा में सात धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
राधा कृष्ण दुरेजा कैंप निवासी सुमित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2022 में उन्होंने फेसबुक पर कनाडा जाने संबंधी एक विज्ञापन देखा था। इसके बाद उनकी बात फर्म के संचालक राकेश रिक्खी और उनकी पत्नी प्रभा से हुई। आरोपियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे कम समय में उनका और उनके परिवार का कनाडा पीआर और वर्क परमिट दिलवा देंगे। विश्वास जीतने के बाद फर्म के कर्मचारियों योगिता, बलजीत सिंह संधु, गुरचरण ढींढसा, हरनूर कौर और शिवम कुमार ने सुमित से विभिन्न चरणों में कुल 19 लाख 20 हजार 560 रुपये वसूल किए।
आरोपियों ने तीन सालों तक लगातार टालमटोल की रणनीति अपनाई। कभी फाइल प्रोसेसिंग का बहाना बनाया तो कभी एंबेसी की प्रक्रिया का हवाला दिया। धीरे-धीरे उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया। तीन साल बीत जाने के बाद भी न तो सुमित को कनाडा भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने यह रकम अपनी संपत्ति बेचकर और पीएफ निकालकर जुटाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला विदेश जाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि वे किसी भी एजेंट या फर्म के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें।