हरियाणा में अंगदान के क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 7,998 लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है, जिसमें 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे अधिक है।

आंकड़े बताते हैं कि 18 से 30 वर्ष के 2,946 युवाओं और 30 से 45 वर्ष के 3,025 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। इस प्रकार कुल पंजीकरण में लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी इसी आयु वर्ग की है। लिंग के आधार पर देखें तो 5,225 पुरुषों की तुलना में 2,773 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि हृदय, लीवर और फेफड़ों के दान के लिए सर्वाधिक पंजीकरण हुए हैं। पहले अंगदान को लेकर भ्रांतियां थीं, लेकिन अब शिक्षा और जागरूकता के कारण स्थिति बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इस विषय पर जानकारी ले रहे हैं।

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचके अग्रवाल के अनुसार एक अंगदाता आठ लोगों की जान बचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में इंटरनेट और मीडिया के माध्यम से बढ़ती जागरूकता के कारण अंगदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है। हालांकि, केवल पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, परिवार को भी अपनी इच्छा से अवगत कराना आवश्यक है क्योंकि अंतिम निर्णय परिवार की सहमति पर निर्भर करता है।