यमुनानगर जिले में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात अचानक मौसम परिवर्तन ने व्यापक तबाही मचाई है। तेज आंधी और बारिश ने न केवल कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक जीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने आम बागवानों के लिए संकट खड़ा कर दिया है।

जिले के प्रमुख बागवानी क्षेत्रों छछरौली और खिजराबाद में आंधी का कहर देखा गया, जहां पेड़ों से कच्चे आम जमीन पर गिर गए। करीब 5600 हेक्टेयर में होने वाली आम की खेती को 40 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। स्थानीय बागवान पिंटू राणा और आनंद चौधरी के मुताबिक, फसल पहले से ही बीमारी और पूर्व के तूफानों से प्रभावित थी। गिरे हुए कच्चे फलों का न तो उचित भाव मिल रहा है और न ही खरीदार मिल रहे हैं। इसके अलावा अनाज मंडियों में खुले में रखा गेहूं भी बारिश की भेंट चढ़ गया।

बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। जिले में 40 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए और कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए, जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे सरकारी नलकूप बंद रहे और लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि, एसी और कूलर बंद होने से बिजली की खपत 60 लाख यूनिट से घटकर 50 लाख यूनिट हो गई।

चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि तापमान में अचानक 10 डिग्री की गिरावट से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। डॉ. लोकेश गर्ग के अनुसार, सर्दी-खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि लोग ठंडा पानी पीने से बचें और बच्चों-बुजुर्गों को कूलर की सीधी हवा से दूर रखें। पशु विशेषज्ञों ने भी आगाह किया है कि मौसम के उतार-चढ़ाव से पशुओं में तनाव बढ़ सकता है और दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आदित्य डबास ने किसानों से अपील की है कि वे मंडी में उपज को तिरपाल से ढंकें और अगले 48 घंटों तक कीटनाशकों का छिड़काव न करें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान फिर से बढ़ेगा और 35 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है।