Republic Day 2026 पर 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर इस बार हरियाणा की झांकी नहीं दिखेगी। प्रदेश सरकार ने हिसार स्थित राखीगढ़ी को झांकी की विषय वस्तु के रूप में रक्षा मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा था। राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल है, जो हिसार जिले में अब सूख चुकी सरस्वती नदी के तट पर स्थित है।

यह सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक के रूप में उभरा है, जो पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा दोनों संस्कृतियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। रक्षा मंत्रालय ने नियमों का हवाला देकर हरियाणा के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
हालांकि, इससे पहले लगातार चार साल हरियाणा की झांकी कर्तव्य पथ पर दिखती रही है। उससे पहले 2015 व 2017 में भी हरियाणा की झांकी ने सबका ध्यान खींचा था। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय ने 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड के लिए स्वीकृति दी है।
हरियाणा सरकार के अधिकारियों का क्या कहना है ? | Republic Day 2026
सभी राज्यों को उनकी झांकियां प्रदर्शित करने का मौका मिले, इसलिए एक रोटेशन पीरियड तय किया गया था। इस बार उन प्रदेशों को मौका दिया गया है, जिनकी कुछ सालों से झांकियां कर्तव्य पथ पर नहीं दिख रही थी। पिछले 10 सालों में हरियाणा की छह बार झांकियों ने कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाई है। Republic Day 2026

साल 2015 में सुल्तान बर्ड सेंचुरी, 2017 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, 2022 में हरियाणा नंबर वन इन स्पोर्ट्स, 2023 में अंतराष्टीय गीता जयंती महोत्सव, 2024 में मेरा परिवार मेरी पहचान और 2025 में समृद्ध हरियाणा-विरासत व विकास की थीम पर झांकी प्रदर्शित की गई थी। Republic Day 2026
नई व्यवस्था की वजह से हिमाचल प्रदेश की पांच साल के लंबे अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर झांकी देखने को मिलेगी। साल 2020 के बाद से गणतंत्र दिवस परेड के लिए हिमाचल प्रदेश की झांकी का चयन नहीं हो पाया था।
पंजाब की भी झांकी को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर आधारित भव्य झांकी पंजाब की ओर से देखने को मिलेगी, हालांकि पिछले साल भी पंजाब की झांकी का चयन किया गया था।