हरियाणा के भिवानी के कस्बा लोहारू में हाई कोर्ट के आदेशों पर जमीन का कब्जा दिलवाने के लिए पहुंची पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने कब्जाधारी लोगों ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। इसके बाद बुरी तरह से झुलस गए। दोनों को गंभीर हालत में पहले लोहारू और फिर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां से घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। 

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन में भी खलबली मच गई और अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष नागपाल, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, एसडीएम महेश कुमार जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति आग की लपटों से घिरा है और वह गाड़ियों की तरफ दौड़ रहा है।

20 साल से दो पक्षों में चल रहा विवाद
लोहारू कस्बा में स्टेडियम के साथ लगती सात एकड़ भूमि को लेकर पिछले लगभग 20 साल से दो पक्षों का आपसी विवाद चल रहा था। इस मामले में हाईकोर्ट ने एक पक्ष को कब्जा दिलवाने के आदेश दिए थे। इस पर कार्रवाई करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट शेखर नरवाल व नायब तहसीलदार की अगुवाई में जब भारी पुलिस बल स्टेडियम के पीछे हारे हुए पक्ष का कब्जा छुड़वाने के लिए पहुंची तो कब्जाधारी पक्ष के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थी। उन्हीं कब्जाधारी पक्ष के दो लोग सतबीर व अशोक ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर कब्जा छुड़वाने का विरोध किया और खुद को आग लगा ली। 

बिना नोटिस दिए कब्जा छुड़ाने पहुंचा प्रशासन
इस मामले में कब्जाधारी पक्ष के व्यक्ति धर्मबीर ने बताया कि इस घटना में उनके दो भाई सतबीर व अशोक गंभीर रूप से जल गए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया कि बगैर नोटिस दिए प्रशासन कब्जा हटवाने के लिए पहुंचा था और इस मामले में 8 अप्रैल की तारीख भी लगी होने की बात धर्मवीर ने बताई।

क्या कहती है पुलिस
पुलिस अधीक्षक भिवानी नीतीश अग्रवाल का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश पर लोहारू में कब्जा कार्रवाई हटवाने के दौरान दो लोगों ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले में हम नजर बनाए हुए हैं। घायलों का पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है।