Yamunanagar News डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों के बीच सुरक्षित इंटरनेट दिवस को जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। 11 फरवरी 2025 को उपायुक्त पार्थ गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला सचिवालय के सभागार में यह दिवस टूगेदर फॉर ए बेटर इंटरनेट थीम के तहत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

टीआईएमटी कॉलेज में विशेष जागरूकता सत्र
टीआईएमटी कॉलेज, यमुनानगर में भी साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सतर्कता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
साइबर अपराधों में वृद्धि, सतर्क रहना अनिवार्य
जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी विनय गुलाटी ने बताया कि डिजिटल गतिविधियों में तेजी के साथ-साथ फिशिंग, डेटा चोरी, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी साइबर अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की और बताया कि अगर हम छोटी-छोटी सावधानियां बरतें, तो बड़े साइबर हमलों से खुद को बचा सकते हैं।
साइबर सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां
1. डिजिटल फ्रॉड से बचाव के उपाय
- किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराएं।
- अनजान लिंक और संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
- सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
- फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि की गोपनीयता सेटिंग अपडेट रखें।
2. डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई सुरक्षा
- ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स किसी से साझा न करें।
- केवल गूगल पे, फोन-पे, पेटीएम, भीम जैसी अधिकृत ऐप्स का ही उपयोग करें।
- यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
3. वेबसाइट और मोबाइल ऐप की सुरक्षा
- केवल HTTPS:// वाली सुरक्षित वेबसाइटों का ही उपयोग करें।
- वेबसाइट पर पेडलॉक सिंबल देखकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- मोबाइल और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करें।
- अज्ञात ऐप्स डाउनलोड करने से बचें और केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें।
- सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करते समय VPN का प्रयोग करें।
साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ठगी से बचाव
आजकल साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी ने नागरिकों को सलाह दी कि वे अनजान व्यक्तियों से पर्सनल जानकारी साझा न करें। यदि कोई ब्लैकमेलिंग या धमकी मिलती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूक करना बेहद जरूरी है। यदि कोई बैंकिंग फ्रॉड हो जाए तो तुरंत बैंक कस्टमर केयर से संपर्क करें और संबंधित ट्रांजेक्शन को ब्लॉक कराएं। साथ ही, सोशल मीडिया और बैंकिंग पासवर्ड तुरंत बदलें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। छोटी-छोटी सतर्कताएं बड़े खतरों से बचाने में सहायक हो सकती हैं। हर नागरिक को इंटरनेट का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग करने के लिए जागरूक रहना जरूरी है।