HARYANA VRITANT

Yamunanagar News नगर निकाय और नगर पालिका चुनावों की सरगर्मी तेज होते ही प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अब वे सिर्फ जनसंपर्क और प्रचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शुभ मुहूर्त, पूजा-पाठ और ज्योतिषीय उपायों का सहारा भी ले रहे हैं। नामांकन से लेकर प्रचार अभियान तक, हर कदम ज्योतिषियों की सलाह पर तय किया जा रहा है।

शुभ मुहूर्त में दाखिल किए जा रहे नामांकन

नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रत्याशी सबसे पहले पंडितों और ज्योतिषाचार्यों से परामर्श ले रहे हैं। शुभ मुहूर्त में नामांकन दाखिल करने की होड़ मची हुई है। प्रत्याशी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे किस समय और किस दिशा में जाकर अपना पर्चा भरें, कौन सा रंग पहनें और किस मंत्र का जाप करते हुए घर से निकलें।

कुंडली और ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार तय हो रहा चुनाव प्रचार

चुनाव प्रचार को लेकर भी प्रत्याशी ज्योतिषीय गणना का सहारा ले रहे हैं। कुंडली और ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर प्रचार अभियान की रणनीति तैयार की जा रही है। कई प्रत्याशी यह तक पूछ रहे हैं कि जनता के बीच जाने के लिए कौन सा दिन और समय सबसे उपयुक्त होगा। इसके अलावा, प्रचार के दौरान कौन से रंग के वस्त्र पहनने चाहिए, इस पर भी विचार किया जा रहा है।

नामांकन के लिए शुभ घड़ी निकालने की होड़

भटौली स्थित शिव मंदिर के पुजारी और ज्योतिषाचार्य पं. जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि अब तक कई प्रत्याशी नामांकन के लिए शुभ मुहूर्त निकलवा चुके हैं। प्रत्येक प्रत्याशी की राशि और चंद्र योग के आधार पर शुभ समय तय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राहु काल और यम घंटा में नामांकन दाखिल करना वर्जित माना जाता है, इसलिए प्रत्याशी इन अशुभ समयों से बच रहे हैं।

बड़े नेता भी ले रहे सलाह

यह सिर्फ नए प्रत्याशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुभवी और दिग्गज नेता भी ज्योतिषियों से सलाह ले रहे हैं। वे निर्वाचन कार्यालय में प्रवेश करने से लेकर नामांकन पत्र सौंपने तक का समय निर्धारित करवा रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रत्याशी फोन और व्हाट्सएप के जरिए अपनी कुंडली भेजकर भी अपनी राजनीतिक संभावनाओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

बुजुर्गों की राय भी अहम

वार्ड पार्षदों के नामांकन को लेकर बुजुर्गों की राय भी मायने रख रही है। वरिष्ठ नागरिक और अनुभवी राजनेता भी अपने अनुभव के आधार पर प्रत्याशियों को सुझाव दे रहे हैं कि वे किस तरह से अपनी जीत सुनिश्चित कर सकते हैं।

रंगों का भी है चुनाव में महत्व

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि चुनाव में भी रंगों का गहरा प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक प्रत्याशी के लिए एक विशेष रंग शुभ माना जाता है, जो उनकी राशि और ग्रह-नक्षत्रों पर निर्भर करता है। यही कारण है कि प्रत्याशी अपने प्रचार अभियान के लिए उपयुक्त रंग का चयन कर रहे हैं।

चुनावी कार्यालय उद्घाटन के लिए भी शुभ मुहूर्त

सिर्फ नामांकन और प्रचार ही नहीं, बल्कि चुनावी कार्यालय के उद्घाटन के लिए भी शुभ मुहूर्त निकाले जा रहे हैं। प्रत्याशी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कार्यालय कब और किस समय शुरू किया जाए ताकि उनकी जीत की संभावनाएं बढ़ सकें।

जीत की उम्मीद में ज्योतिषीय उपायों का सहारा

हालांकि, चुनावी नतीजे जनता के हाथ में होते हैं, लेकिन प्रत्याशी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे हर संभव उपाय कर रहे हैं, चाहे वह जनता से संपर्क हो, डिजिटल प्रचार हो या फिर ज्योतिषीय उपाय। अब देखना यह होगा कि क्या इन उपायों से उनकी तकदीर बदलती है या नहीं।