Yamunanagar News यमुनानगर जिले के खेड़ी लक्खासिंह गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद जिले में पुलिस विभाग में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। 5 पुलिसकर्मियों, 2 एसपीओ और 2 होमगार्ड जवानों को बर्खास्त कर दिया गया। जिन कर्मियों की रवानगी कागजों में दर्ज थी, वे कार्रवाई से बच गए।

तिहरे हत्याकांड ने उठाए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
26 दिसंबर को खेड़ी लक्खासिंह में भाजपा नेता के चचेरे भाई वीरेंद्र राणा, शराब ठेकेदार अर्जुन राणा और पंकज मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने जिम से लौट रहे इन तीनों युवकों पर चौकी के पास ताबड़तोड़ फायरिंग की।
एसपी की सख्त कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद एसपी राजीव देसवाल ने पूरी पुलिस चौकी को निलंबित कर दिया। बाद में विभागीय जांच में 9 कर्मियों पर बर्खास्तगी की गाज गिरी।
बर्खास्त कर्मियों की सूची
- एसआई निर्मल सिंह (चौकी इंचार्ज)
- एएसआई जसबीर व दलबीर
- हेड कांस्टेबल कृष्ण
- सिपाही रवि
- एसपीओ प्रदीप व हरविंदर सिंह
- होमगार्ड अमरजीत व लवकेश
रवानगी कागजों में, बच निकले कुछ कर्मचारी
चौकी में कुल 14 कर्मी तैनात थे। जांच में पाया गया कि कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कागजों में दर्ज थी, जिसके चलते उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया।
मंत्री और स्थानीय जनता में रोष
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने घटनास्थल का दौरा कर पुलिस की देरी और लापरवाही पर नाराजगी जताई। हत्याकांड ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।