Yamunanagar Nagar Nigam Chunav में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। भाजपा, कांग्रेस और इनेलो-बसपा-आप के साझा प्रत्याशी मैदान में हैं। खास बात यह है कि इस बार मेयर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इस चुनाव में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व मंत्री कंवरपाल, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और पूर्व मेयर मदन चौहान की साख भी दांव पर है।

मुख्य प्रत्याशी और उनकी स्थिति
इस चुनाव में चार प्रमुख प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी की पत्नी किरण देवी चुनाव लड़ रही हैं। इनेलो, बसपा और आम आदमी पार्टी ने साझा उम्मीदवार के रूप में एडवोकेट मधु चौधरी को टिकट दिया है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सुमन लता भी चुनावी मुकाबले में हैं।
सीधी लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन साझा उम्मीदवार मधु चौधरी भी मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
नगर निगम चुनाव का इतिहास
यमुनानगर नगर निगम का पहला चुनाव 2010 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस की बाला मेयर बनी थीं। इसके बाद हुए दूसरे चुनाव में भाजपा के मदन चौहान को जीत मिली थी। इस बार नगर निगम का तीसरा चुनाव हो रहा है, जिसमें 22 वार्डों के लिए मतदान होगा। पहले वार्डों की संख्या 20 थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई है।
चार विधानसभा क्षेत्रों में फैला नगर निगम एरिया
यमुनानगर नगर निगम क्षेत्र को चार विधानसभा क्षेत्रों में बांटा गया है –
- यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र
- जगाधरी विधानसभा क्षेत्र
- रादौर विधानसभा क्षेत्र
- साढौरा विधानसभा क्षेत्र
इस बार नगर निगम चुनाव के लिए कुल 348 मतदान बूथ बनाए गए हैं।
जातिगत समीकरण का असर
यमुनानगर नगर निगम चुनाव में जातिगत समीकरण भी अहम भूमिका निभाएंगे। कुल 3.55 लाख मतदाता हैं, जिनमें 80 हजार अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। ओबीसी वर्ग के मतदाता दूसरे नंबर पर हैं, जबकि सामान्य वर्ग के मतदाता शहरी इलाकों में अधिक हैं। भाजपा की पकड़ पॉश इलाकों में मजबूत है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रभाव देखा जा रहा है।
प्रमुख चुनावी मुद्दे
- भ्रष्टाचार का मुद्दा – कांग्रेस और साझा प्रत्याशियों ने नगर निगम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
- शहर का विकास – भाजपा सरकार का दावा है कि विकास कार्यों की गति तीन गुना तेज हुई है, जबकि विपक्ष इसे झूठा प्रचार बता रहा है।
- स्वच्छ शासन और प्रॉपर्टी आईडी विवाद – विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध विजयी, चुनावी प्रचार जोरों पर
वार्ड 9 से भाजपा प्रत्याशी भावना बिट्ट को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया है, जिससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अब शेष 21 वार्डों में 86 पार्षद प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं और प्रचार अभियान जोरों पर है।
कौन रहेगा आगे?
शहरी इलाकों में भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस का वोट बैंक अधिक है। साझा प्रत्याशी मधु चौधरी भी दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही हैं।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम चुनाव में कौन जीत हासिल करता है और यमुनानगर का नया मेयर कौन बनता है।