HARYANA VRITANT

Surajkund Mela 2025 हरियाणा के मशहूर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला का रंगारंग आगाज हो चुका है! इस बार यह मेला और भी खास है क्योंकि 42 देशों के 648 प्रतिभागी अपनी कला और संस्कृति के साथ यहां जुटे हैं। हस्तशिल्प से लेकर लोक कला, संगीत, नृत्य और लजीज व्यंजनों तक—यह मेला हर किसी के लिए कुछ न कुछ लेकर आया है।

सीएम नायब सैनी ने किया भव्य उद्घाटन

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अंतरराष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। उनके साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने ओडिशा के पवेलियन का दौरा किया और पारंपरिक शिल्पकारों से मुलाकात की।

दुनिया के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेले की झलक

हरियाणा पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव कला रामचंद्रन ने बताया कि 1987 में शुरू हुआ यह मेला अब दुनिया का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला बन चुका है। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कारीगरी, विरासत और वैश्विक एकता का महोत्सव है।

शिल्पियों का लाइव प्रदर्शन – कला को करीब से देखने का मौका!

इस बार मेले में शिल्पकार अपने परंपरागत शिल्प कौशल का लाइव प्रदर्शन करेंगे, जिससे पर्यटक उनके हुनर को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। चाहे मिट्टी के बर्तन हों, लकड़ी की नक्काशी, मधुबनी पेंटिंग या हाथ से बनी कढ़ाई—हर कला को नए अंदाज में पेश किया जा रहा है।

संगीत और नृत्य का धमाल – सतिंदर सरताज ने बांधा समां

सूरजकुंड मेले में संगीत और नृत्य का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को हुई सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गायक सतिंदर सरताज ने अपने सुरों से समां बांध दिया। इसके अलावा, बंचारी नगाड़ा, कठपुतली शो, बहुरूपिया कलाकार और जादूगर भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रहे हैं।

देश के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ़ उठाने का सुनहरा मौका!

अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो यह मेला आपके लिए परफेक्ट है! यहाँ राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा और मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं। मक्के दी रोटी-सरसो दा साग से लेकर ढोकला, बाजरे की रोटी और ओडिशा की दालमा तक, हर किसी के स्वाद के लिए कुछ न कुछ जरूर मिलेगा।

23 फरवरी तक चलेगा यह भव्य मेला – मत छोड़िए मौका!

अगर आप कला, संस्कृति, संगीत और खान-पान के शौकीन हैं, तो यह मेला आपके लिए ही है। सूरजकुंड मेले में आकर एक ही जगह दुनिया की विविधता का अनुभव करें। मेला 23 फरवरी तक चलेगा, तो जल्दी करें और इस अनोखे उत्सव का हिस्सा बनें!