Sirsa News हरियाणा के सिरसा जिले में लिफ्ट मांगने के बहाने लोगों को फंसाने और ब्लैकमेलिंग का खेल चल रहा था। पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को 20,000 रुपये की रंगे हाथों वसूली करते हुए गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है।

महिला ने बीमार होने का बहाना बनाकर मांगी लिफ्ट
सिरसा के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बठिंडा के नरसिंह कॉलोनी निवासी कृष्ण कुमार उर्फ विक्की के रूप में हुई है। तीन मार्च की शाम को गांव मसीतां निवासी निर्भय सिंह अपनी स्कूटी पर लखुआना से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में एक महिला ने बीमार होने का बहाना बनाकर लिफ्ट मांगी।
कुछ दूरी तय करने के बाद, अचानक तीन युवकों ने उसकी स्कूटी रोक ली और उसे ब्लैकमेल करने लगे। उन्होंने कहा कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो उसे महिला के साथ छेड़छाड़ के झूठे केस में फंसा देंगे।
दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले पैसे
डरे हुए पीड़ित ने अपनी जेब से 14,000 रुपये नकद और 1,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने और 20,000 रुपये की मांग की। पीड़ित ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद सदर थाना पुलिस की टीम ने जाल बिछाया।
रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
पुलिस की योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को पैसे लेकर ब्लैकमेलरों द्वारा बताए गए स्थान—डबवाली क्षेत्र के एक पब्लिक आयुर्वेदिक क्लीनिक—पर भेजा गया। पुलिस पास ही छिपकर नजर रखे हुए थी। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
अंजान लोगों पर न करें भरोसा: पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अंजान व्यक्ति, खासकर महिला, रास्ते में लिफ्ट मांगे तो उस पर तुरंत विश्वास न करें। पहले उसकी सही जानकारी लें और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही सहायता करें। अगर किसी को इस तरह की ठगी का संदेह हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें या 112 पर कॉल करें।