Gautam Gambhir

आक्रामकता और दृढ़ विश्वास के बीच एक बहुत पतली रेखा होती है और Gautam Gambhir अक्सर इसी के बीच काम करते नजर आते हैं। उनके पास चीजों को अपने तरीके से अंजाम तक पहुंचाने की खास क्षमता है और रविवार इसका एक और बड़ा उदाहरण बना।

Gautam Gambhir

इतिहास तय करेगा कि वह कितने बड़े रणनीतिकार थे, लेकिन लगातार दो वर्षों में दो आइसीसी व्हाइट बाल ट्रॉफी जीतने के बाद इसमें कोई संदेह नहीं कि Gautam Gambhir भारत की पुरुष क्रिकेट टीम के सबसे सफल मुख्य कोच बन चुके हैं।

Gautam Gambhir का ‘विनिंग मंत्र’ हिट

सिर्फ इतना ही नहीं, शायद वह भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित कोच भी हैं, जिनके बारे में लोगों की राय अक्सर बंटी हुई रहती है। सहस्राब्दी की शुरुआत में ग्रेग चैपल के बाद शायद ही कोई कोच ऐसा रहा हो जिसने इतनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं पैदा की हों। हालांकि, चैपल उस समय एक खलनायक की तरह देखे गए थे और उन्हें अचानक पद से हटा दिया गया था।

लेकिन Gautam Gambhir के मामले में टेस्ट क्रिकेट में अपेक्षा से कम प्रदर्शन और वरिष्ठ खिलाड़ियों को लेकर लिए गए कठिन फैसलों के बावजूद उन्हें हमेशा बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों का समर्थन मिला। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर आलोचना, कभी-कभी नफरत और लगातार चलने ली अटकलों का सामना किया, लेकिन उनका जज्बा वैसा ही रहा जैसा उन्होंने नेपियर में दो दिन बल्लेबाजी कर भारत के लिए टेस्ट मैच बचाते समय दिखाया था। गंभीर की आक्रामकता उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है।

वह बेहद संपन्न परिवार से आते हैं, लेकिन उनके लिए कुछ भी आसानी से नहीं मिला। डीडीसीए की राजनीति से भरे माहौल में प्रदर्शन ही एकमात्र चीज थी जो उन्हें प्रासंगिक बनाए रखती थी।

जो हुआ उससे बहुत खुश हूं, यह एक लंबा सफर रहा है। 2024 के बाद यह शुरू हुआ, जब बीसीआइ, जय भाई ने मुझ पर भरोसा दिखाया। यहां नरेंन्द्र मोदी स्टेडियम में आकर यह करना एक खास अनुभव है। -सूर्यकुमार यादव, कप्तान

गौतम गंभीर ने हासिल की खास उपलब्धि

भारतीय टीम ने अब तक कुल 8 बार आईसीसी की ट्रॉफी जीती है, जिसमें एक बार ही ट्रॉफी शेयर हुई है। वनडे विश्व कप के दो खिताब, चैंपियंस ट्रॉफी 3 बार, 3 बार टी20 विश्व कप इसमें शामिल है। इस दौरान Gautam Gambhir एकमात्र कोच हैं, जिनकी कोचिंग में भारत ने एक नहीं, बल्कि दो बार आईसीसी ट्रॉफी जीती है।

अगर टेस्ट फॉर्मेट को छोड़ दिया जाए तो व्हाइट बॉल क्रिकेट में उनसे बेहतरीन कोच भारत को शायद नहीं मिला। पिछले 13-14 महीने में गंभीर ने दो बार टीम इंडिया को आईसीसी की ट्रॉफी दिलाई है। दो अलग-अलग कप्तानों के साथ। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में कामयाब हुआ और अब सूर्या की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीता।

इस तरह कोच गंभीर भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले पहले और एकमात्र कोच (चैंपियंस ट्रॉफी 2025, टी20 विश्व कप 2026) बने।