Rewari News रेवाड़ी में फरवरी के पहले हफ्ते में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह से हो रही हल्की बूंदाबांदी ने ठंडक बढ़ा दी है। बीते चार दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जिससे फसलों को लाभ होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 फरवरी तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक
फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले, 1 फरवरी को दिन का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस था।
सोमवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बदलाव के चलते लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।
फसलों को होगा फायदा
मंगलवार को हुई बूंदाबांदी गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। चार दिन पहले तक तापमान में अचानक बढ़ोतरी से किसानों की चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि जनवरी के अंत में अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और हल्की बारिश से फसल की पैदावार में सुधार होगा। वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने और सुबह-शाम कोहरा पड़ने से गेहूं और सरसों को फायदा मिलेगा।
मौसम में ठंडक से किसानों को राहत
तापमान में बढ़ोतरी और शुष्क मौसम के कारण किसानों को फसल नुकसान का डर सता रहा था। लेकिन बीते दो दिनों से ठंड और नमी बढ़ने से उनकी चिंता कुछ हद तक कम हुई है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दी का यह दौर फसलों की पैदावार के लिए अनुकूल है।
कोहरे और सर्दी से ट्रेनें लेट
सर्दी और कोहरे का असर यातायात सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। खासतौर पर रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं।
- रेवाड़ी-बठिंडा पैसेंजर 45 मिनट लेट रही।
- पोरबंदर सुपरफास्ट 35 मिनट की देरी से चली।
- रुणिचा एक्सप्रेस (दिल्ली-जैसलमेर) 40 मिनट लेट थी।
- चंडीगढ़ वंदेभारत एक्सप्रेस 1 घंटा 17 मिनट की देरी से चली।
- भुज-बरेली एक्सप्रेस 31 मिनट लेट रही।
- शालीमार मलानी एक्सप्रेस (जम्मू तवी-बाड़मेर) रद्द कर दी गई।
- रेवाड़ी-दिल्ली पैसेंजर भी रद्द कर दी गई, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह मौसम बना रहेगा, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।