HARYANA VRITANT

PM Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे। वाशिंगटन डीसी में भारतीय मूल के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद, बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय झंडे लहराते हुए और नारे लगाते हुए मोदी का अभिवादन करने पहुंचे।

ट्रंप और बिजनेस लीडर्स से महत्वपूर्ण बैठकें

पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, वे अमेरिका के प्रमुख बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात

मोदी ने अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से भी मुलाकात की। उन्होंने गबार्ड को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच सुरक्षा व खुफिया सहयोग को बढ़ाने पर बातचीत की।

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का संदेश

वाशिंगटन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“सर्दी के बीच गर्मजोशी से स्वागत! भारतीय प्रवासियों ने ठंड के बावजूद मेरा विशेष स्वागत किया, मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।”
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के साथ ली गई कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।

ट्रंप के निमंत्रण पर विशेष दौरा

यह दौरा पीएम मोदी की दो देशों की यात्रा का दूसरा चरण है। वे फ्रांस के मार्सिले से अमेरिका पहुंचे। ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें विभिन्न वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

व्यापार और प्रवासियों के मुद्दे मुख्य एजेंडा में

मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका में भारतीय प्रवासियों को लेकर नए नियम लागू हो रहे हैं। हाल ही में 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को अमेरिका से निर्वासित किया गया, जिसमें पंजाब के 30 लोग भी शामिल थे। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस मुद्दे पर चिंता जताई और सरकार से इस पर वाशिंगटन से जवाब मांगने की अपील की।

भारतीय समुदाय और साझेदारी पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में भारतीय समुदाय के सदस्यों और व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह यात्रा भारत-अमेरिका साझेदारी को नई दिशा और गति प्रदान करेगी।

संयुक्त बयान की उम्मीद

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के अंत में दोनों देशों के बीच एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को लेकर किए गए फैसलों और भविष्य की योजनाओं पर जानकारी दी जाएगी।