Panchkula News हरियाणा में शिक्षकों के तबादले एक बार फिर बाधाओं से घिर गए हैं। निकाय चुनावों की घोषणा और एमआईएस पोर्टल पर शिक्षकों का डेटा अपडेट न होने के कारण ट्रांसफर ड्राइव प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पहले तबादला प्रक्रिया पूरी करना चाहता है, लेकिन मौजूदा अड़चनों के कारण यह संभव होता नहीं दिख रहा।

12 फरवरी को बुलाई गई बैठक
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादलों को सुचारु रूप से चलाने के लिए 12 फरवरी को शिक्षक संगठनों के साथ बैठक बुलाई है। इस बैठक में ट्रांसफर ड्राइव को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया को बेहतर बनाना होगा।
शिक्षक संगठनों को आमंत्रण
बैठक में हसला, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, हरियाणा अनुसूचित जाति राज्य अध्यापक संघ, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन और डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन सहित कई संगठनों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में शिक्षा निदेशालय द्वारा निकाय चुनावों के कारण रुकी तबादला प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
डाटा अपडेट न होने से परेशानी
शिक्षकों के सर्विस प्रोफाइल में कई महत्वपूर्ण जानकारियां अपडेट नहीं हुई हैं, जिससे ट्रांसफर प्रक्रिया बाधित हो रही है। करीब 1200 शिक्षकों के विद्यालय आवंटन आदेश अपडेट नहीं हुए हैं, जबकि 1000 से अधिक शिक्षकों की रिलीविंग और ज्वाइनिंग डेट भी पोर्टल पर दर्ज नहीं है। इसके अलावा, 1069 शिक्षकों की निजी प्रोफाइल के ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं और सैकड़ों शिक्षकों के सर्विस प्रोफाइल अप्रूव नहीं हुए हैं।
नॉन टीचिंग स्टाफ का भी डाटा अपडेट होगा
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और एससीईआरटी निदेशक गुरुग्राम को निर्देश दिए हैं कि नॉन टीचिंग स्टाफ का एमआईएस और एचआरएमएस पोर्टल पर डाटा अपडेट किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द आवश्यक जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे की रणनीति
आगामी सप्ताह में जिला स्तर पर नॉन टीचिंग कर्मियों के डाटा को अपडेट कर निदेशालय को भेजने की योजना बनाई गई है। 12 फरवरी की बैठक के बाद ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज किए जाने की उम्मीद है, जिससे शिक्षकों को उनके पसंदीदा स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके और नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।