HARYANA VRITANT

Panchkula News हरियाणा में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ब्राह्मण, जाट और बनिया समुदाय के कई नेता इस पद की दौड़ में शामिल हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कई अन्य दावेदार भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस बीच, भाजपा आज दोपहर तक सभी जिलों के नए अध्यक्षों की घोषणा करेगी, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए लॉबिंग और तेज हो जाएगी।

27 जिलाध्यक्षों के लिए 800 कार्यकर्ताओं ने किया आवेदन

हरियाणा भाजपा संगठनात्मक दृष्टि से राज्य में 27 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है, जिसके लिए 800 से अधिक कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया है। कई जिलों में 25 से 50 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। रविवार रात तक सभी दावों पर मंथन हुआ और आज दोपहर तक सभी जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जोरदार लॉबिंग देखने को मिलेगी।

क्या मोहन लाल बडौली बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष?

वर्तमान में मोहन लाल बडौली हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, जो हाल ही में कसौली दुष्कर्म मामले से बरी हुए हैं। चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले हरियाणा के नए प्रदेश अध्यक्ष की भी घोषणा हो सकती है। यदि बडौली को दोबारा मौका नहीं मिलता, तो अजय गौड़ का नाम सबसे आगे रह सकता है।

अजय गौड़ और अन्य दावेदारों की मजबूत दावेदारी

पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव रह चुके अजय गौड़ भी अध्यक्ष पद की रेस में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। गौड़ ब्राह्मण समुदाय के बड़े चेहरे हैं और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल व केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के करीबी माने जाते हैं।

अगर भाजपा किसी वैश्य समुदाय के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है, तो डॉ. अर्चना गुप्ता का नाम विचाराधीन हो सकता है। वहीं, जाट समुदाय से राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया के नाम चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से दावेदारी की बात हो, तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को मौका मिल सकता है।

कई बड़े नाम चर्चा में

पूर्व मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, मनीष ग्रोवर, कंवरपाल गुर्जर और कैप्टन अभिमन्यु जैसे बड़े नेता भी इस पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इन नामों पर विचार कर रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा के जिलाध्यक्ष पद के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा

हरियाणा भाजपा के जिलाध्यक्ष बनने की होड़ भी काफी तेज है। रोहतक में 59, कुरुक्षेत्र में 48, फतेहाबाद में 40, पानीपत में 28, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में 19-19 कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष बनने के लिए दावेदारी पेश की है।

15 जिलाध्यक्षों की बदली जा सकती है जिम्मेदारी

राज्य में 22 जिले हैं, लेकिन संगठनात्मक मजबूती के लिए भाजपा ने पांच नए जिले—हांसी, गोहाना, डबवाली, गुरुग्राम महानगर और बल्लभगढ़ बनाए हैं। इन जिलों में कुल 27 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति होगी। सोनीपत और गोहाना में 58-58 कार्यकर्ताओं ने आवेदन दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 15 जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं।

सर्वसम्मति से होगा जिलाध्यक्षों का चयन

हर जिले के लिए पार्टी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे मतदान की नौबत न आए। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि जिलाध्यक्षों का चयन बिना किसी विवाद के सर्वसम्मति से हो और सभी कार्यकर्ता घोषित जिलाध्यक्ष के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करें।