हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के गाने इंटरनेट से हटवाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस विवाद के चलते हरियाणा सरकार ने गायक और ओएसडी (पब्लिसिटी) गजेंद्र फौगाट से सचिवालय का दफ्तर खाली करवा लिया। अब यह कार्यालय मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय को अलॉट कर दिया गया है।

फौगाट का दफ्तर अब प्रवीण आत्रेय को मिला
गजेंद्र फौगाट हरियाणा सिविल सचिवालय की आठवीं मंजिल पर स्थित कार्यालय नंबर 50 में बैठते थे। सरकार ने अब यह दफ्तर प्रवीण आत्रेय को सौंप दिया है। हालांकि, फौगाट को ओएसडी (पब्लिसिटी) पद पर बनाए रखने या हटाने को लेकर अभी तक कोई संशोधित आदेश जारी नहीं हुआ है।
मासूम शर्मा विवाद बना फौगाट के लिए मुसीबत
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के सात गाने इंटरनेट मीडिया से हटवाने का मामला इतना बढ़ गया कि सरकार को सफाई देनी पड़ी। सरकार ने इस विवाद को फौगाट का निजी मामला बताकर खुद को इससे अलग कर लिया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद फौगाट की स्थिति कमजोर हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार में ओएसडी थे फौगाट
गजेंद्र फौगाट, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार में ओएसडी (पब्लिसिटी) के पद पर तैनात थे। लेकिन मासूम शर्मा के गाने हटवाने की वजह से हरियाणवी संगीत जगत में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता गया। इसी कारण सरकार ने फौगाट से दूरी बना ली और उनका दफ्तर खाली करवा दिया।
हरियाणवी गायक रॉकी मित्तल ने उठाए सवाल
गजेंद्र फौगाट को पद पर बनाए रखने और उनके द्वारा सचिवालय का दफ्तर न छोड़ने को लेकर हरियाणवी गायक रॉकी मित्तल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब फौगाट किसी पद पर नहीं हैं, तो वह सचिवालय में दफ्तर पर कब्जा क्यों जमाए हुए थे।
सरकार ने साधी चुप्पी, ओएसडी पद पर संशय
सरकार ने अभी तक फौगाट को ओएसडी (पब्लिसिटी) के पद से हटाने या बनाए रखने को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। लेकिन उनके दफ्तर का खाली होना साफ संकेत देता है कि फौगाट का ओएसडी पद पर बने रहना अब मुश्किल लग रहा है।