HARYANA VRITANT

Panchkula News सेंट्रल ब्यूरो इन्वेस्टीगेशन (सीबीआई) ने चंडीगढ़ में एक बड़ा रिश्वत कांड सामने लाया है। शिमला में तैनात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक बड़े अधिकारी को काले धन से जुड़े मामले में आरोपितों से रिश्वत की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में आरोपी का भाई भी शामिल था, जिसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया।

डीआईजी से बैंक अधिकारी तक का रिश्वत का जाल

आरोपित की पहचान विकासदीप के रूप में हुई है, जो दिल्ली स्थित एक बैंक में उच्च पद पर तैनात था। सीबीआई ने विकासदीप की गाड़ी से 54 लाख रुपये बरामद किए। इसके अलावा, आरोपी के घर पर छापेमारी में 60 लाख रुपये और मिले। इस मामले को लेकर सीबीआई ने पांच दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने दो दिन का रिमांड मंजूर किया।

CBI का ट्रैप: रिश्वत की रकम लेकर भागने की कोशिश

ईडी अधिकारी ने काले धन से जुड़े दो आरोपितों से क्रमशः 1.5 करोड़ और 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। जब आरोपी रिश्वत की रकम में कमी करने की मांग कर रहे थे, तो सीबीआई को जानकारी मिली और उन्होंने एक ट्रैप बिछाया। विकासदीप, रिश्वत की रकम लेकर अपनी स्कार्पियो कार में भागने लगा, लेकिन सीबीआई ने उसे दबोच लिया।

ईडी के इतिहास में रिश्वत कांड

यह पहली बार नहीं है, जब ईडी के अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। छह साल पहले ईडी के चंडीगढ़ कार्यालय के एक डिप्टी डायरेक्टर का नाम भी रिश्वत मामले में सामने आया था। इसके अलावा, अगस्त 2024 में सीबीआई ने दिल्ली में ईडी के एक असिस्टेंट डायरेक्टर को भी रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।