हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस बार गर्मियों की छुट्टियों में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का नया तरीका अपनाया है। अब वॉट्सऐप के बजाय टैब के जरिए शिक्षा दी जाएगी। छात्रों को स्टूडेंट ऐप और शिक्षकों को टीचर ऐप से जोड़कर पढ़ाई कराई जाएगी।

ऑनलाइन क्लास के नए नियम
- शिक्षकों को ऑनलाइन क्लास लेनी होगी।
- टेस्ट और होमवर्क भी ऑनलाइन दिए जाएंगे।
- छात्र अपने सवाल ऑनलाइन पूछ सकेंगे, और जब तक अध्यापक समाधान नहीं देंगे, तब तक वह डैशबोर्ड पर लंबित दिखेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाएगी रिपोर्ट
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय तक होगी। अभी फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान विषयों को ही शामिल किया गया है, लेकिन जल्द ही अन्य विषय भी जोड़े जाएंगे।
टैब से होगी शिक्षकों की निगरानी
प्रत्येक शिक्षक का टैब उसकी कर्मचारी आईडी से मैप किया जाएगा। इस प्रक्रिया की रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी। यदि कोई शिक्षक ट्रांसफर होता है, तो उसे नया टैब नहीं मिलेगा बल्कि पुराना टैब ही साथ लेकर जाना होगा।
ड्यूटी का बंटवारा
- मास्टर ट्रेनर: पीजीटी शिक्षकों को टैब इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देंगे और उनका डैशबोर्ड मॉनिटर करेंगे।
- लाइब्रेरी इंचार्ज: विद्यालय की लाइब्रेरी में टैब का स्टॉक रिकॉर्ड रखेंगे और छात्रों को टैब जारी करेंगे।
- स्कूल इन्फॉर्मेशन मैनेजर (SIM): टैब के आईएमईआई नंबर, ऑनलाइन टैब अलोकेशन और ग्रीवेंस से जुड़े कार्य संभालेंगे।
- क्लास इंचार्ज: छात्रों के डाटा को एकत्रित कर टैब के लिए जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
- विषय अध्यापक: टैब से ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे, टेस्ट लेंगे, और हर सप्ताह कम से कम 12 पीरियड ऑनलाइन लेंगे।
- विद्यालय मुखिया: शिक्षकों और छात्रों द्वारा टैब के उपयोग की निगरानी करेंगे और ऑनलाइन टीचर डायरी को चेक व अप्रूव करेंगे।
रियल-टाइम रिपोर्टिंग
हर छात्र और शिक्षक के टैब के उपयोग की रियल-टाइम रिपोर्ट एमडीएम सॉफ्टवेयर के जरिए प्रधानाचार्य, बीईओ, डीईओ, डीएसई और मुख्यमंत्री कार्यालय को मिलेगी। इससे ऑनलाइन पढ़ाई को प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा।