Panchkula News हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव, टीवीएसएन प्रसाद, ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें राज्य सरकार के मुख्य सचिव के पे-स्केल में रिटायरमेंट के बाद आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की जा रही थीं। इसमें निजी सेवक, टेलीफोन सहायक, चिकित्सा सहायक, घरेलू नौकर और टेलीफोन भत्ते जैसी सेवाओं का प्रावधान था।

मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को नकारा
इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास भेजा गया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे तुरंत नकारा और ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह प्रस्ताव उस समय की एक बड़ी चर्चा का हिस्सा था, जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी सरकार के अंत में पूर्व मुख्यमंत्री के लिए कैबिनेट रैंक की सुविधाओं का प्रस्ताव मंजूर किया था, जिसे भाजपा सरकार ने रद कर दिया था।
टीवीएसएन प्रसाद का रिटायरमेंट और प्रस्ताव का तेजी से अनुमोदन
31 अक्टूबर को रिटायर हुए टीवीएसएन प्रसाद ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले 25 अक्टूबर को यह प्रस्ताव तैयार किया और दो दिनों में इसे मुख्यमंत्री के पास भेज दिया। प्रस्ताव में रिटायर आईएएस अधिकारियों के लिए सरकारी सेवक, चपरासी और निजी सहायक जैसी सेवाओं को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए उपलब्ध कराने की बात की गई थी।
विभिन्न राज्यों के फैसले का संदर्भ
टीवीएसएन प्रसाद ने अपने प्रस्ताव में तमिलनाडु और कर्नाटक सरकारों के फैसलों का जिक्र किया था। तमिलनाडु में रिटायर मुख्य सचिवों को 16,000 रुपये प्रति माह का सेवक भत्ता मिलता है, जबकि कर्नाटक में मुख्य सचिव रैंक के रिटायर्ड अधिकारियों को टेलीफोन भत्ते के रूप में 2,000 रुपये और सेवक भत्ते के रूप में 10,500 रुपये दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री का अभी कोई निर्णय नहीं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि आईएएस अधिकारियों को उनके पूरे सेवाकाल में मिलने वाली सुविधाएं किसी अन्य नौकरी में उपलब्ध नहीं होतीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया है।